सीजीएचएस और ईसीएचएस
केंद्र सरकार के सेवारत तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों (सीजीएचएस) और पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों (ईसीएचएस) के पास देश के सबसे मजबूत स्वास्थ्य कवर में से एक है। उलझन सिर्फ योजना के नियमों में है — आप अपना कार्ड लेकर आइए, और हमारे काउंसलर आपके केस का पूरा रास्ता साफ कर देंगे।
किन्हें कवर मिलता है
सीजीएचएस में केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके आश्रित परिवारजन आते हैं, बशर्ते वे किसी सीजीएचएस शहर में पंजीकृत हों — लखनऊ उन्हीं में से एक है। ईसीएचएस में पेंशन पाने वाले पूर्व सैनिक और उनके आश्रित पॉलीक्लिनिक नेटवर्क के जरिए आते हैं। दोनों योजनाओं में कैंसर की पहचान और इलाज पूरी तरह हकदारी के भीतर हैं; सवाल सिर्फ रास्ते और कागजों का रह जाता है।
इलाज आमतौर पर कैसे आगे बढ़ता है
- कदम 1शुरुआत अपने कार्ड सेसीजीएचएस लाभार्थी कार्ड या ईसीएचएस स्मार्ट कार्ड — यही आपकी हकदारी और वार्ड श्रेणी तय करता है
- कदम 2जहां जरूरी हो, वहां रेफरलतय इलाज के लिए आमतौर पर सीजीएचएस वेलनेस सेंटर या ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक का रेफरल पहला दरवाजा होता है; इमरजेंसी में रास्ता तेज होता है
- कदम 3रास्ता हम साफ करते हैंकुछ भी तय होने से पहले हमारे काउंसलर आपके केस का सही रास्ता पक्का करते हैं — सूचीबद्धता की स्थिति, रेफरल की औपचारिकता, या खर्च वापसी का रास्ता
- कदम 4खर्च लिखित मेंयोजना में क्या कवर है और आपके हिस्से में क्या, अगर कुछ आता है — दोनों आपकी सहमति से पहले लिखकर दिए जाते हैं
एक सच्ची बात
सूचीबद्धता, रेफरल और दरों के नियम बदलते रहते हैं, और सीजीएचएस तथा ईसीएचएस में अलग-अलग होते हैं। हम आपको गोलमोल "हां, कवर है" कहकर अंदर नहीं बुलाएंगे — काउंसलर पहले आपकी अपनी हकदारी और रास्ता जांचते हैं। और योजना का कोई हिस्सा कवर से बाहर पड़ता हो, तो वह रकम आपको इलाज से पहले बताई जाती है, छुट्टी के दिन नहीं।
आम सवाल
क्या आने से पहले रेफरल जरूरी है?
मेरे माता-पिता सीजीएचएस में मेरे आश्रित हैं। क्या उनका कैंसर इलाज कवर है?
इमरजेंसी में क्या होगा?
हमें बायोप्सी की रिपोर्ट भेजिए। हम साफ-साफ बताएंगे कि मामला कहां तक है।
दूसरी राय लेने में आपका कुछ खर्च नहीं होता, और इससे अक्सर इलाज की योजना बदल जाती है। अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजिए — आपके पहली बार आने से पहले ही एक कैंसर सर्जन उन्हें देख लेंगे।