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Centre for Oncology Research & Education

उच्चतम स्तर की कैंसर सर्जरी, उत्तर प्रदेश में ही।

Tata Memorial से फेलोशिप-प्रशिक्षित कैंसर सर्जन। पात्र परिवारों के लिए कैंसर की सर्जरी और कीमोथेरेपी आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई में कैशलेस — कुछ भी तय होने से पहले हम आपकी पात्रता जांचते हैं। लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी और लखीमपुर खीरी में छह केंद्र।

6+साल का सर्जरी अनुभव
6यूपी में केंद्र
522मरीजों की रेटिंग
Dr. Akash Rajput, CoreOnco लखनऊ में ऑपरेशन करते हुए
प्रमुख सर्जन · संस्थापक
Dr. Akash Rajput
मुंह, सिर और गर्दन के कैंसर सर्जन और माइक्रोवैस्कुलर सर्जन
MDS · FHNO — Tata Memorial, मुंबई
ट्रेनिंग
Tata Memorial, मुंबईसिर और गर्दन की कैंसर सर्जरी में फेलोशिप
मरीज का खर्च
पीएम-जेएवाई में ₹0आयुष्मान भारत, सीजीएचएस, ईसीएचएस, मुख्यमंत्री राहत कोष
खास विशेषज्ञता
माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शनकाम, बोली और चेहरा — तीनों बचाए रखते हुए
शोध और शिक्षण
प्रकाशित और समकक्ष-समीक्षितशिक्षण फैकल्टी, राष्ट्रीय प्रकाशन
हम किन कैंसरों का इलाज करते हैं

जो आपको बताया गया है, शुरुआत उसी से कीजिए।

ज्यादातर लोग यहां बायोप्सी की रिपोर्ट और एक ऐसे शब्द के साथ पहुंचते हैं जिसे पढ़ने की उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी। जो आप पर लागू हो उसे चुनिए — हम सीधे-सादे शब्दों में समझाएंगे कि उसका मतलब क्या है और आगे क्या होगा।

01 मुंह और जीभ का कैंसरमुंह, जीभ, गाल, मसूड़ा और होंठ — हमारी सबसे ज्यादा की जाने वाली सर्जरी ये लक्षण3 हफ्ते में न भरने वाला छाला → 02 जीभ का कैंसरजल्दी पहचान, सर्जरी और दोबारा बनाने की सर्जरी — बोलना और निगलना बचाते हुए ये लक्षणजीभ पर घाव या गांठ, 3 हफ्ते से ज्यादा → 03 सिर और गर्दन का कैंसरगला, आवाज की नली, थायरॉइड, लार ग्रंथि, जबड़े का पुनर्निर्माण ये लक्षणगर्दन में बिना दर्द की गांठ → 04 स्तन कैंसरजांच, स्तन बचाने वाली सर्जरी, दोबारा बनाने की सर्जरी ये लक्षणस्तन या बगल में नई गांठ → 05 पेट और आंत का कैंसरपेट, बड़ी आंत, मलाशय, भोजन नली, लिवर और अग्न्याशय ये लक्षणखाना अटकना · शौच में खून → 06 छाती और फेफड़े का कैंसरफेफड़े, छाती के बीच के हिस्से और छाती की दीवार के ट्यूमर ये लक्षण3 हफ्ते से ज्यादा पुरानी खांसी → 07 महिलाओं के कैंसरबच्चेदानी का मुंह, अंडाशय, बच्चेदानी — रोबोटिक सर्जरी सहित ये लक्षणमाहवारी बंद होने के बाद खून आना → 08 पेशाब से जुड़े अंगों का कैंसरकिडनी, मूत्राशय, प्रोस्टेट ये लक्षणपेशाब में खून, एक बार भी → 09 हड्डी और मांसपेशी का कैंसरहड्डी और कोमल ऊतकों का सार्कोमा, अंग बचाने वाली सर्जरी ये लक्षणबढ़ती गांठ · रात में हड्डी का दर्द →
सर्जन

जिस डॉक्टर के बारे में आप यहां पढ़ रहे हैं, इलाज भी वही करते हैं।

हर बार बदल जाने वाले डॉक्टर नहीं, गुमनाम "विशेषज्ञों की टीम" नहीं। तीन कैंसर सर्जन, नाम के साथ — और उनकी ट्रेनिंग तथा प्रकाशन आप खुद जांच सकते हैं।

Dr. Akash Rajput

Dr. Akash Rajput

मुंह, सिर और गर्दन के कैंसर सर्जन और माइक्रोवैस्कुलर सर्जन · संस्थापक और सीईओ, CoreOnco
FHNO — Tata MemorialFellowMDS6+ साल

डॉ. आकाश राजपूत मुंह, जीभ, गले, जबड़े और गर्दन के कैंसर का इलाज करते हैं — और सर्जरी में जो हिस्सा निकालना पड़ता है, उसे दोबारा भी बनाते हैं। उनकी खास विशेषज्ञता माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन है: जीवित ऊतक को उसकी अपनी खून की नसों समेत दूसरी जगह से लाकर जोड़ना, ताकि इलाज के बाद मरीज बोल सके, निगल सके, और आईने में खुद को पहचान सके।

पूरी प्रोफाइल और प्रकाशन →
Dr. Shahanika Yadav

Dr. Shahanika Yadav

सिर और गर्दन के कैंसर सर्जन
FellowMDSBDS

डॉ. शाहनिका यादव मुंह और चेहरे-जबड़े की सर्जन हैं, और उन्होंने सिर तथा गर्दन की कैंसर सर्जरी में फेलोशिप की है। CoreOnco में उनका मुख्य काम इलाज के उस शुरुआती हिस्से पर है जो सबसे ज्यादा छूट जाता है — मुंह के घावों की जांच, बायोप्सी और पहचान, जब तक वे इतने छोटे हैं कि इलाज आसान रहे।

पूरी प्रोफाइल और प्रकाशन →
SKS

Dr. S. K. Singh

कैंसर सर्जन — रोबोटिक और पारंपरिक सर्जरी · सह-संस्थापक और वरिष्ठ सलाहकार, CoreOnco

कैंसर के इलाज में दशकों का अनुभव, उन्नत पारंपरिक और रोबोटिक, दोनों तरह की कैंसर सर्जरी में — और जटिल तथा एडवांस स्टेज के मामलों को संभालने के लिए व्यापक रूप से जाने जाते हैं।

पूरी प्रोफाइल और प्रकाशन →
खर्च और सरकारी योजनाएं

हमारे ज्यादातर मरीजों का एक रुपया भी नहीं लगता।

कैंसर के सबसे जानलेवा असरों में से एक पैसे की मार है। परिवार जमीन बेचते हैं, कर्ज लेते हैं, और इलाज तब तक टालते हैं जब तक ऑपरेशन की गुंजाइश ही न बचे। ऐसा होना जरूरी नहीं — योजनाएं पहले से मौजूद हैं और उनकी प्रक्रिया हम आपके लिए करते हैं।

अपना आयुष्मान कार्ड लाइए, या हमारे काउंसलर से अपनी पात्रता जांच करवाइए। कागजी काम, पहले से मंजूरी और अस्पताल से तालमेल — सब हम बिना किसी शुल्क के संभालते हैं।
आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई
हर परिवार को साल में ₹5 लाख तक — सर्जरी, कीमोथेरेपी और भर्ती
कैशलेस
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना
यूपी के राज्य कर्मचारी, पेंशनभोगी और आश्रित — स्टेट हेल्थ कार्ड से साल में ₹5 लाख तक
कैशलेस
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना
यूपी के शिक्षक, कर्मचारी और आश्रित — मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस कार्ड से ₹5 लाख तक
कैशलेस
मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तर प्रदेश
पीएम-जेएवाई के दायरे से बाहर के मरीजों के लिए राज्य सरकार की मदद
सीजीएचएस और ईसीएचएस
सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी और सैन्य कर्मियों के लिए
निजी बीमा और टीपीए
निजी बीमा कंपनियों और टीपीए के कैशलेस तथा खर्च वापसी वाले रास्ते
मरीजों के अनुभव

उनके अपने शब्दों में।

लिखित सहमति के साथ प्रकाशित। हम किसी भी व्यक्ति के इलाज की सार्वजनिक रूप से न पुष्टि करते हैं, न चर्चा।

★★★★★
“डॉ. आकाश राजपूत के यहां मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। वे सिर और गर्दन के बेहतरीन कैंसर डॉक्टर हैं। पहली मुलाकात से ही उनमें गहरी जानकारी, पेशेवर तरीका और सच्ची संवेदना दिखी। मुंह और जीभ के कैंसर के लिए मैं डॉ. आकाश राजपूत की पुरजोर सिफारिश करता हूं।”
मूल अंग्रेजी से अनूदित
मरीज
मुंह और जीभ का कैंसर
★★★★★
“मेरी मां को जीभ में तकलीफ थी। बायोप्सी में पता चला कि जीभ का कैंसर है। डॉ. राजपूत और उनकी टीम ने बहुत ध्यान रखा और हमारी बात समझी। सर्जरी कामयाब रही और ऑपरेशन के बाद की देखभाल बेहतरीन थी।”
मूल अंग्रेजी से अनूदित
मरीज का परिवार
जीभ का कैंसर
★★★★★
“मेरे पिता के मुंह के कैंसर की कामयाब सर्जरी के लिए डॉ. आकाश राजपूत और उनकी टीम का बहुत-बहुत शुक्रिया। पिताजी का ऑपरेशन अगस्त में हुआ था, और 3 महीने बाद अब वे काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं और धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी में लौट रहे हैं।”
मूल अंग्रेजी से अनूदित
मरीज के बेटे
मुंह का कैंसर
हम कहां मिलेंगे

छह केंद्र, ताकि इलाज कभी ऐसा सफर न बने जो आप कर ही न सकें।

कैंसर के इलाज का मतलब है महीनों तक बार-बार आना। हमने लखनऊ से बाहर की ओर केंद्र इसीलिए बनाए, ताकि जिलों के परिवारों को घर छोड़कर आना न पड़े।

अगला कदम

हमें बायोप्सी की रिपोर्ट भेजिए। हम साफ-साफ बताएंगे कि मामला कहां तक है।

दूसरी राय लेने में आपका कुछ खर्च नहीं होता, और इससे अक्सर इलाज की योजना बदल जाती है। अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजिए — आपके पहली बार आने से पहले ही एक कैंसर सर्जन उन्हें देख लेंगे।