24 घंटे इमरजेंसी · +91 91965 86931 / 86932 Lucknow · Hardoi · Sitapur · Raebareli · Amethi · Lakhimpur Kheri
EN·हिन्दी
अपॉइंटमेंट बुक करें
होम/कैंसर के प्रकार/महिलाओं के कैंसर
कैंसर के प्रकार

महिलाओं के कैंसर

बच्चेदानी के मुंह (सर्विक्स), अंडाशय और बच्चेदानी के कैंसर। इन तीनों में सबसे आम उत्तर प्रदेश में आज भी बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है — और यही वह कैंसर है जिसे जांच और टीके से लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है। इसके शुरुआती संकेत ऐसे हैं जिन्हें सहने के लिए किसी भी महिला से नहीं कहा जाना चाहिए।

CoreOnco की मेडिकल टीम द्वारा लिखा गया · चिकित्सकीय समीक्षा: Dr. S. K. Singh, Surgical Oncologist · अंतिम समीक्षा: 26 अगस्त 2026

संक्षेप में

खून आना जो आपके लिए सामान्य न हो — दो माहवारी के बीच, संबंध के बाद, या माहवारी बंद हो जाने के बाद — महिलाओं के कैंसर का सबसे बड़ा चेतावनी संकेत है। यह न शर्माने की बात है, न चुपचाप सहने की। माहवारी बंद होने के बाद खून आए, तो जांच हर हाल में होनी चाहिए। जांच आसान है। देरी की कीमत आसान नहीं।

ये लक्षण नजरअंदाज न करें

  • 01माहवारी बंद होने के बाद खून आनाकितना भी हो, बस एक धब्बा भी, एक बार भी — जांच हमेशा जरूरी
  • 02दो माहवारी के बीच या संबंध के बाद खून आनाऐसा बदलाव जो कई चक्रों तक बना रहे
  • 03लगातार बदबूदार या खून मिला स्रावजो सामान्य इलाज से ठीक न हो
  • 04लगातार पेट फूलना या पेट में सूजनअंडाशय के कैंसर का चुपचाप आने वाला संकेत — जल्दी पेट भर जाना, कमर के कपड़े तंग होना
  • 05पेड़ू में दर्द या दबावलगातार बना रहे और कोई वजह समझ न आए

बच्चेदानी के मुंह का कैंसर रोका जा सकता है

यह कैंसर अचानक नहीं आता। जिन बदलावों से यह बनता है, उन्हें एक जांच कैंसर बनने से सालों पहले पकड़ सकती है। 30 साल की उम्र से हर कुछ साल में पैप स्मीयर या एचपीवी टेस्ट करा लेने से ज्यादातर मामले होने से पहले ही रुक जाते हैं। और लड़कियों को संक्रमण के संपर्क में आने से पहले लगाया गया एचपीवी का टीका उस संक्रमण को ही रोक देता है जो इसकी वजह बनता है। आपके परिवार की महिलाओं की कभी जांच नहीं हुई है, तो कैंसर के खिलाफ उनके लिए सबसे असरदार कदम यही एक है। यह जांच हमारी ओपीडी और कैंप, दोनों जगह उपलब्ध है।

CoreOnco में महिलाओं के कैंसर का इलाज कैसे होता है

बच्चेदानी के मुंह और बच्चेदानी के शुरुआती कैंसर का इलाज सर्जरी से होता है, और अब ज्यादातर कम चीरे वाली या रोबोटिक सर्जरी से, जिसमें रिकवरी जल्दी होती है। बच्चेदानी के मुंह की बढ़ी हुई बीमारी का इलाज कीमो-रेडिएशन से किया जाता है। अंडाशय के कैंसर में सर्जरी का मकसद दिखने वाली सारी बीमारी निकाल देना होता है, और साथ में कीमोथेरेपी चलती है। यहां पहला ऑपरेशन कितना पूरा हुआ — यह बात नतीजे के लिए लगभग हर दूसरी बात से ज्यादा मायने रखती है, और इसीलिए यह ऑपरेशन कैंसर सर्जन के हाथों में होना चाहिए।

संतान की संभावना, हार्मोन और इलाज के बाद की जिंदगी — इन पर बात सर्जरी से पहले होती है, बाद में नहीं। कम उम्र की महिलाओं में चुने हुए शुरुआती ट्यूमर के लिए संतान की क्षमता बचाने वाले विकल्प मौजूद हैं, और जहां वे सुरक्षित रूप से लागू होते हैं, वहां हम खुद उनकी बात उठाते हैं।

महिलाओं के कैंसर के इलाज में कितना खर्च आता है?

अपने खर्च पर कराने वालों के लिए रैडिकल हिस्टेरेक्टॉमी आमतौर पर ₹1.2 से 2.5 लाख में होती है और अंडाशय की डीबल्किंग सर्जरी ₹2 से 3 लाख में। जहां जरूरी हो वहां छह कीमोथेरेपी साइकिल, हर साइकिल ₹15,000 से 50,000। बच्चेदानी के मुंह के कैंसर का कीमो-रेडिएशन रेडियोथेरेपी केंद्र के साथ पैकेज के तौर पर तय होता है, और इसकी योजना आपके साथ पहले ही बना ली जाती है।

आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के पात्र परिवारों के लिए कवर की गई सर्जरी, कीमोथेरेपी और भर्ती कैशलेस हैं। और बच्चेदानी के मुंह की जांच — जो सबसे महंगे मामलों को होने से ही रोक देती है — हमारे कैंप में मुफ्त है।

आम सवाल

क्या माहवारी बंद होने के बाद खून आना हमेशा कैंसर होता है?
नहीं। ज्यादातर मामलों में वजह बिना कैंसर वाली होती है। लेकिन बच्चेदानी का कैंसर अपनी खबर इसी तरह देता है, और उस स्टेज पर देता है जब वह सबसे आसानी से ठीक होता है। इसीलिए नियम पक्का है — माहवारी बंद होने के बाद खून आए तो हर बार जांच, बिना किसी अपवाद के।
क्या बच्चेदानी के मुंह का कैंसर ठीक हो सकता है?
जांच में पकड़े गए, कैंसर से पहले की अवस्था वाले बदलावों का इलाज एक छोटी प्रक्रिया से लगभग पूरी कामयाबी के साथ हो जाता है। शुरुआती कैंसर में सर्जरी या कीमो-रेडिएशन से ठीक होने की संभावना बहुत अच्छी रहती है। और जांच व टीके के साथ तो ज्यादातर मामलों को होने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
क्या इलाज का मतलब बच्चेदानी निकालना होगा?
बच्चेदानी या उसके मुंह का कैंसर पक्का हो जाए, तो हिस्टेरेक्टॉमी आमतौर पर ठीक करने वाले इलाज का हिस्सा होती है। बच्चेदानी के मुंह के चुने हुए बहुत शुरुआती ट्यूमर में, जो महिलाएं संतान चाहती हैं उनके लिए संतान की क्षमता बचाने वाली सर्जरी मुमकिन है। इसके बारे में खुलकर पूछिए — यह एक सामान्य सवाल है, कोई मांग नहीं।
क्या इलाज आयुष्मान भारत में कवर है?
हां। पात्र परिवारों के लिए महिलाओं के कैंसर की सर्जरी, कीमोथेरेपी और भर्ती आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के पैकेज में आती हैं, और भर्ती से पहले हमारे काउंसलर इसकी पुष्टि कर देते हैं।

इससे जुड़े इलाज

अगला कदम

हमें बायोप्सी की रिपोर्ट भेजिए। हम साफ-साफ बताएंगे कि मामला कहां तक है।

दूसरी राय लेने में आपका कुछ खर्च नहीं होता, और इससे अक्सर इलाज की योजना बदल जाती है। अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजिए — आपके पहली बार आने से पहले ही एक कैंसर सर्जन उन्हें देख लेंगे।