महिलाओं के कैंसर
बच्चेदानी के मुंह (सर्विक्स), अंडाशय और बच्चेदानी के कैंसर। इन तीनों में सबसे आम उत्तर प्रदेश में आज भी बच्चेदानी के मुंह का कैंसर है — और यही वह कैंसर है जिसे जांच और टीके से लगभग पूरी तरह रोका जा सकता है। इसके शुरुआती संकेत ऐसे हैं जिन्हें सहने के लिए किसी भी महिला से नहीं कहा जाना चाहिए।
संक्षेप में
खून आना जो आपके लिए सामान्य न हो — दो माहवारी के बीच, संबंध के बाद, या माहवारी बंद हो जाने के बाद — महिलाओं के कैंसर का सबसे बड़ा चेतावनी संकेत है। यह न शर्माने की बात है, न चुपचाप सहने की। माहवारी बंद होने के बाद खून आए, तो जांच हर हाल में होनी चाहिए। जांच आसान है। देरी की कीमत आसान नहीं।
ये लक्षण नजरअंदाज न करें
- 01माहवारी बंद होने के बाद खून आनाकितना भी हो, बस एक धब्बा भी, एक बार भी — जांच हमेशा जरूरी
- 02दो माहवारी के बीच या संबंध के बाद खून आनाऐसा बदलाव जो कई चक्रों तक बना रहे
- 03लगातार बदबूदार या खून मिला स्रावजो सामान्य इलाज से ठीक न हो
- 04लगातार पेट फूलना या पेट में सूजनअंडाशय के कैंसर का चुपचाप आने वाला संकेत — जल्दी पेट भर जाना, कमर के कपड़े तंग होना
- 05पेड़ू में दर्द या दबावलगातार बना रहे और कोई वजह समझ न आए
बच्चेदानी के मुंह का कैंसर रोका जा सकता है
यह कैंसर अचानक नहीं आता। जिन बदलावों से यह बनता है, उन्हें एक जांच कैंसर बनने से सालों पहले पकड़ सकती है। 30 साल की उम्र से हर कुछ साल में पैप स्मीयर या एचपीवी टेस्ट करा लेने से ज्यादातर मामले होने से पहले ही रुक जाते हैं। और लड़कियों को संक्रमण के संपर्क में आने से पहले लगाया गया एचपीवी का टीका उस संक्रमण को ही रोक देता है जो इसकी वजह बनता है। आपके परिवार की महिलाओं की कभी जांच नहीं हुई है, तो कैंसर के खिलाफ उनके लिए सबसे असरदार कदम यही एक है। यह जांच हमारी ओपीडी और कैंप, दोनों जगह उपलब्ध है।
CoreOnco में महिलाओं के कैंसर का इलाज कैसे होता है
बच्चेदानी के मुंह और बच्चेदानी के शुरुआती कैंसर का इलाज सर्जरी से होता है, और अब ज्यादातर कम चीरे वाली या रोबोटिक सर्जरी से, जिसमें रिकवरी जल्दी होती है। बच्चेदानी के मुंह की बढ़ी हुई बीमारी का इलाज कीमो-रेडिएशन से किया जाता है। अंडाशय के कैंसर में सर्जरी का मकसद दिखने वाली सारी बीमारी निकाल देना होता है, और साथ में कीमोथेरेपी चलती है। यहां पहला ऑपरेशन कितना पूरा हुआ — यह बात नतीजे के लिए लगभग हर दूसरी बात से ज्यादा मायने रखती है, और इसीलिए यह ऑपरेशन कैंसर सर्जन के हाथों में होना चाहिए।
संतान की संभावना, हार्मोन और इलाज के बाद की जिंदगी — इन पर बात सर्जरी से पहले होती है, बाद में नहीं। कम उम्र की महिलाओं में चुने हुए शुरुआती ट्यूमर के लिए संतान की क्षमता बचाने वाले विकल्प मौजूद हैं, और जहां वे सुरक्षित रूप से लागू होते हैं, वहां हम खुद उनकी बात उठाते हैं।
महिलाओं के कैंसर के इलाज में कितना खर्च आता है?
अपने खर्च पर कराने वालों के लिए रैडिकल हिस्टेरेक्टॉमी आमतौर पर ₹1.2 से 2.5 लाख में होती है और अंडाशय की डीबल्किंग सर्जरी ₹2 से 3 लाख में। जहां जरूरी हो वहां छह कीमोथेरेपी साइकिल, हर साइकिल ₹15,000 से 50,000। बच्चेदानी के मुंह के कैंसर का कीमो-रेडिएशन रेडियोथेरेपी केंद्र के साथ पैकेज के तौर पर तय होता है, और इसकी योजना आपके साथ पहले ही बना ली जाती है।
आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के पात्र परिवारों के लिए कवर की गई सर्जरी, कीमोथेरेपी और भर्ती कैशलेस हैं। और बच्चेदानी के मुंह की जांच — जो सबसे महंगे मामलों को होने से ही रोक देती है — हमारे कैंप में मुफ्त है।
आम सवाल
क्या माहवारी बंद होने के बाद खून आना हमेशा कैंसर होता है?
क्या बच्चेदानी के मुंह का कैंसर ठीक हो सकता है?
क्या इलाज का मतलब बच्चेदानी निकालना होगा?
क्या इलाज आयुष्मान भारत में कवर है?
इससे जुड़े इलाज
- 01कैंसर की सर्जरी →साफ मार्जिन के साथ ट्यूमर निकालना — कैंसर को जड़ से ठीक करने वाले इलाज की बुनियाद
- 02रोबोटिक सर्जरी →छोटे चीरे और जल्दी ठीक होने के लिए रोबोट की सटीकता से किए गए ऑपरेशन
- 03कीमोथेरेपी →सर्जरी से पहले या बाद में दवाओं से इलाज — डे-केयर में या भर्ती होकर
- 04टार्गेटेड थेरेपी →आपके ट्यूमर को चलाने वाले खास बदलाव (म्यूटेशन) के हिसाब से चुनी गई दवाएं
- 05दर्द और तकलीफ कम करने वाला इलाज →हर स्टेज पर आराम, सम्मान और लक्षणों पर काबू — सिर्फ आखिरी स्टेज पर नहीं
हमें बायोप्सी की रिपोर्ट भेजिए। हम साफ-साफ बताएंगे कि मामला कहां तक है।
दूसरी राय लेने में आपका कुछ खर्च नहीं होता, और इससे अक्सर इलाज की योजना बदल जाती है। अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजिए — आपके पहली बार आने से पहले ही एक कैंसर सर्जन उन्हें देख लेंगे।