मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष गंभीर बीमारियों में — कैंसर समेत — उत्तर प्रदेश के उन परिवारों को आर्थिक मदद देता है जो पीएम-जेएवाई के दायरे से बाहर हैं, या जिनका इलाज उस कवर से ज्यादा का है। मुश्किल हिस्सा कागजी कार्रवाई है, और वह हम आपके साथ मिलकर तैयार करते हैं।
यह किनके लिए है
उत्तर प्रदेश के मूल निवासी वे परिवार, जिनके सामने ऐसा इलाज है जिसका खर्च वे नहीं उठा सकते, और जहां आयुष्मान पीएम-जेएवाई या तो लागू नहीं होता या खत्म हो चुका है। यह कोष विवेकाधीन है — मदद हर केस को देखकर मंजूर होती है, पक्की नहीं होती। लेकिन पूरे कागजों के साथ आया सच्चा कैंसर का मामला ठीक वही है जिसके लिए यह कोष बना है।
आवेदन कैसे चलता है
- कदम 1अस्पताल का अनुमानइलाज करने वाला अस्पताल तय इलाज का हस्ताक्षरित खर्च-अनुमान देता है — आपकी योजना लिखे जाने वाले दिन ही हम यह तैयार कर देते हैं
- कदम 2आपके कागजआधार, आय प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, और मेडिकल कागज — बीमारी की पहचान, बायोप्सी, इलाज की सलाह
- कदम 3आवेदन जमा करनाआवेदन जिला स्तर (डीएम/सीएमओ) से या ऑनलाइन मुख्यमंत्री कार्यालय तक जाता है — हमारे काउंसलर परिवार को बताते हैं कि उसे कहां ले जाना है
- कदम 4मंजूरी अस्पताल कोमंजूर हुई मदद सीधे इलाज के लिए जारी होती है — यह बिल में मदद है, हाथ में मिलने वाला पैसा नहीं
सच्ची उम्मीदें
दो बातें परिवारों को पहले ही जान लेनी चाहिए। पहली: मंजूरी में समय लगता है — कई हफ्ते, कभी उससे भी ज्यादा। इसलिए आवेदन उसी दिन शुरू होना चाहिए जिस दिन इलाज की योजना बने, बिल आने के दिन नहीं। दूसरी: यह विवेकाधीन मदद है, आपका अधिकार नहीं। इसीलिए हम आपके इलाज के पैसे की योजना हर उस रास्ते को जोड़कर बनाते हैं जिसके आप पात्र हैं, अकेले इस कोष के भरोसे नहीं। और जहां इलाज में देरी नहीं की जा सकती, वहां इलाज सबसे मजबूत उपलब्ध कवर पर शुरू हो जाता है, और आवेदन साथ-साथ चलता रहता है।
आम सवाल
आयुष्मान कार्ड है, तब भी आवेदन कर सकते हैं?
क्या CoreOnco आवेदन में मदद के पैसे लेता है?
मंजूरी में कितना समय लगता है?
हमें बायोप्सी की रिपोर्ट भेजिए। हम साफ-साफ बताएंगे कि मामला कहां तक है।
दूसरी राय लेने में आपका कुछ खर्च नहीं होता, और इससे अक्सर इलाज की योजना बदल जाती है। अपनी रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजिए — आपके पहली बार आने से पहले ही एक कैंसर सर्जन उन्हें देख लेंगे।